पटना: बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिसंबर 2025 महीने की बढ़ी हुई राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी है. कुल 1289 करोड़ रुपये की यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई है. राज्य में अब 1 करोड़ 16 लाख से अधिक पेंशनधारियों को लाभ मिल रहा है, जो सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का प्रमाण है.
![]()
पेंशन राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी थी. यह फैसला जून 2025 में लिया गया और जुलाई 2025 से लागू हो गया. बढ़ोतरी के बाद पेंशनधारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जिसमें करीब 5 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पेंशन हर महीने की 10 तारीख को भेजी जाती है, लेकिन इस बार 10 और 11 जनवरी शनिवार-रविवार होने से 12 जनवरी को राशि जारी की गई.

समाज कल्याण मंत्री का बयान
समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि नीतीश सरकार की यह पहल सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

छह प्रकार की पेंशन योजनाएं
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत कुल छह योजनाएं संचालित हैं. इनमें मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना के तहत सबसे अधिक 55 लाख 99 हजार 594 पेंशनधारियों को 626 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 33 लाख 29 हजार 151 लाभार्थियों को 366 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए हैं.

बिहार निशक्तता पेंशन योजना के तहत 10 लाख 6 हजार 529 पेंशनधारियों के खाते में 111 करोड़ 24 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 9 लाख 13 हजार 20 लाभार्थियों को 101 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 6 लाख 45 हजार 571 पेंशनधारियों को 71 करोड़ रुपये और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन योजना के तहत 1 लाख 10 हजार 820 लाभार्थियों को 12 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए.

लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि
पेंशन राशि बढ़ने के बाद योजना के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है, जिससे लाभार्थियों की संख्या में 5 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीबीटी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जो बिचौलियों को खत्म कर सीधे लाभ पहुंचा रही है.

जनकल्याण की दिशा में प्रतिबद्धता
नीतीश सरकार की यह पहल बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के जीवन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. समय पर पेंशन वितरण से लाखों परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो रही हैं और राज्य में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा विकसित हो रहा है.













Be First to Comment