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बिहार में स्टील प्लांट लगाने का प्रस्ताव; इलेक्ट्रॉनिक सिटी भी, 14 उद्यमियों ने बताया रोडमैप

पटना: बिहार में इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थापित करने के साथ-साथ स्टील प्लांट लगाने का प्रस्ताव मिला है। शुक्रवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ उद्योग वार्ता में 14 प्रमुख उद्यमी शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने उद्यमियों की बातों को सुना और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। वेलांकनी ग्रुप के सलाहकार शशि शेखर ने बिहार में 2000 एकड़ में विस्तृत इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक सिटी का, जबकि दिवाज स्टील प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहित पटेल ने 150 एकड़ भूमि पर स्टील प्लांट का प्रस्ताव दिया। ओर्ना 24 के प्रबंध निदेशक कुंदन सर्राफ ने 24 कैरट ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 100 एकड़ जमीन और जियोफास्ट के साकेत बगारिया ने भी औद्योगिक इकाई लगाने के लिए भूमि देने का अनुरोध किया।

इसी तरह पालन-जी इंडस्ट्रीज और सवेरा फर्नीचर के सुधीर केशरी ने बिहार में ही आधुनिक फर्नीचर बनाने का प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। आरा के एंटरप्रेन्योर एवं अपसाइक्लिंग एक्सपर्ट कुमार प्रशांत ने जलवायु प्रतिरोधी गांव और फ्लोटिंग हाउस का मॉडल पेश किया, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार अभी नहीं तो कभी नहीं के मूल मंत्र पर काम कर रही है। स्पष्ट किया कि बिहार के विकास में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है और सरकार उनके उद्यमों को हर संभव मदद देगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निवेश को सुगम बनाने के लिए यदि किसी नीति में संशोधन या नई नीति लाने की आवश्यकता होगी, तो सरकार बिना विलंब के निर्णय लेगी।

बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज सिंह उपस्थित थे। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश, मुख्य सचिव ने उद्यमियों की शिकायत पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

ईएसई इनर्जी के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार चौरसिया द्वारा बताया गया कि कैमूर जिले में उनके एथनॉल प्लांट के पास की सड़क की स्थिति जर्जर है। इस पर मुख्य सचिव ने तुरंत पथ निर्माण विभाग को एनएच के समीप कुदरा ब्लॉक के उक्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का आदेश दिया।

एक स्टार्टअप की निदेशक तान्या राज और फूडम फूड इंडिया के संस्थापक और सीईओ प्रत्यय अमृत द्वारा वित्तीय किस्तों के भुगतान में हो रही देरी की शिकायत पर मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। तान्या राज ने शिक्षा विभाग के साथ जुड़ कर स्किल बेस्ड ट्रेनिंग सेंटर शुरू कर बिहार के युवाओं को नौकरी दिलाने में अहम योगदान देने की इच्छा जताई। मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

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