मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अवैध रूप से रह रहे अफगानी नागरिक इस्माइल रहीमी मामले में नया मोड़ आया है. होमगार्ड के प्रदेश अध्यक्ष अरुण ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने उनके खिलाफ न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, जिसके बाद विशेष अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. अब उनकी गिरफ्तारी की पूरी संभावना जताई जा रही है.

बिना वैध वीजा के रह रहा था अफगानी नागरिक
अफगानिस्तान के मैमना निवासी इस्माइल रहीमी का वीजा 31 मई 2023 तक ही वैध था. वीजा समाप्त होने के बाद वह सीधे अरुण ठाकुर के घर आ गया और लगभग एक वर्ष तक वहीं ठहरा रहा. आरोप है कि अरुण ठाकुर ने उसे अपने घर में काम करने के लिए रखा और वीजा विस्तार आवेदन में अपने पुत्र हर्षित आनंद का मोबाइल नंबर दर्ज कराया. 21 मई 2024 को ऑनलाइन वीजा विस्तार के लिए आवेदन भी किया गया, लेकिन तब तक वह कई महीनों से अवैध रूप से भारत में रह रहा था.

यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का दावा भी फेल
रहीमी भारत अध्ययन वीजा (Education Visa) पर आया था और दावा किया गया कि वह नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है. लेकिन पुलिस के पत्राचार के बावजूद विश्वविद्यालय की ओर से उसकी पढ़ाई का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया. इससे वह दावा भी संदिग्ध साबित हुआ.

चार्जशीट दाखिल, कई पर कार्रवाई
पुलिस ने अफगानी नागरिक इस्माइल रहीमी के साथ गिरफ्तार हर्षित आनंद, रौशन कुमार और उस्मान खान के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है. अब अरुण ठाकुर भी पुलिस जांच के दायरे में हैं और गिरफ्तारी की तलवार मंडरा रही है.

कांवड़ियों से बदसलूकी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
21 जुलाई 2024 की रात मधौल में पुलिस ने इस्माइल रहीमी, हर्षित आनंद, दरभंगा के उस्मान खान और छोटी महुली निवासी रौशन कुमार को गिरफ्तार किया था. चारों नशे में होने के साथ कांवड़ियों से बदसलूकी कर रहे थे और पुलिस पहुंचने पर उससे भी मारपीट पर उतारू हो गए थे. उसी दौरान रहीमी के वीजा और निवास की जांच में बड़े खुलासे हुए.








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