मुजफ्फरपुर के जीरो माइल स्थित आद्या हॉस्पिटल परिसर में शुक्रवार को डॉ. शांति कुमारी सेवा संस्थान के सभागार में पाँचवें डॉ. शांति कुमारी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इस अवसर पर साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। ग़ज़ल विधा में नोएडा के विज्ञान व्रत को डॉ. शांति कुमारी ग़ज़ल सम्मान, गीत विधा में बेंगलुरु की गरिमा सक्सेना को गीत सम्मान तथा बज्जिका भाषा एवं लोक साहित्य के क्षेत्र में समस्तीपुर के ज्वालासांध्य पुष्प को बज्जिका भाषा सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मानित साहित्यकारों को ₹5,100 की सम्मान राशि, प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। इसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।

संस्थान की सचिव डॉ. भावना ने बताया कि डॉ. शांति कुमारी की स्मृति में प्रत्येक वर्ष साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना है।

इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. संजय पंकज, ग़ज़लकार अनिरुद्ध सिन्हा, गीतकार डॉ. दिनेश प्रभात (भोपाल), आराधना प्रसाद (पटना), हेमा सिंह (शिवहर), चांदनी समर, डॉ. पंकज कर्ण तथा साहित्यकार-कवि गोपाल फलक सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के तृतीय सत्र की अध्यक्षता कविता विकास ने की, जबकि मंच संचालन गोपाल फलक ने किया। समारोह का समापन साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के संकल्प के साथ हुआ।







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