वंदे भारत एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों पर प’त्थरबाजी की घ’टनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने व्यापक और सख्त योजना तैयार की है। यात्रियों और ट्रेन क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में विशेष अभियान शुरू किया है।
पूर्व मध्य रेल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे बसे 140 गांवों की आरपीएफ की मदद से मैपिंग की गई है, जिसमें उन सेक्शनों को शामिल किया गया है जहां प’त्थरबाजी की घ’टनाएं अधिक होती हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को जोड़कर ‘रेल मित्र’ अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अब तक 856 रेल मित्र बनाए जा चुके हैं। ये लोग ट्रैक के आसपास निगरानी रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी रेलवे प्रशासन को दे रहे हैं।
आरपीएफ ने समस्तीपुर और सोनपुर मंडल के 96 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों का डाटा भी तैयार किया है जो पहले पत्थ’रबाजी की घट’नाओं में शामिल रहे हैं। इस सूची को रेल मित्रों के साथ साझा किया गया है ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे घट’नाओं की पहचान और त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों पर पत्थ’र फेंकने की घट’नाएं न केवल रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि यात्रियों की जा’न को भी गं’भीर ख’तरे में डालती हैं। इसी को देखते हुए इस अभियान का उद्देश्य ‘सुरक्षित रेल, सुरक्षित सफर’ सुनिश्चित करना है। रेलवे ने आम जनता से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है।













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