गया: बिहार के गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र में एक मामूली साइकिल से टक्कर का विवाद शख्स के मौत का कारण बन गया. गहरपुर गांव में टक्कर का विवाद इतना उग्र हो गया कि इसमें 55 वर्षीय मधेश पासवान की जान चली गई.
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घटना गुरुवार दोपहर को हुई, जब साइकिल से टक्कर लगने के बाद मधेश पासवान ने इसका विरोध जताया. विरोध करने पर साइकिल चालक के समर्थन में 20-25 लोगों की भीड़ ने इकट्ठा होकर उन्हें लाठियों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला.

भीड़ ने की निर्मम पिटाई
जानकारी के अनुसार, टक्कर लगने के तुरंत बाद विवाद शुरू हुआ. मृतक मधेश पासवान ने जब आपत्ति जताई तो दूसरे पक्ष से दर्जन भर से अधिक लोग उग्र हो गए. उन्होंने मिलकर हमला बोल दिया. हमले में इतनी बर्बरता थी कि मधेश पासवान गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए. परिजनों ने उन्हें तत्काल टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

परिजनों में मचा कोहराम
हत्या की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. मृतक के बेटे सूरज पासवान ने बताया कि “साइकिल से टक्कर मारने के बाद मेरे पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.” आक्रोशित परिजनों ने टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल के समीप सड़क को करीब डेढ़ घंटे तक जाम कर दिया. उन्होंने अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस के सामने बवाल भी काटा. हंगामे के बीच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया.

दिनदहाड़े हुई घटना से दहशत
दिनदहाड़े इस तरह की क्रूर घटना से गहरपुर गांव और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल है. लोग छोटी-मोटी बातों पर उग्र होने और भीड़ द्वारा हमला करने की घटना से चिंतित हैं. यह मामला मॉब लिंचिंग की श्रेणी में आता है, जहां एक छोटे विवाद ने किसी निर्दोष की जान ले ली.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
टिकारी थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने कई लोगों को चिन्हित किया है और कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल ने बताया कि शुरू में दो पक्षों में मारपीट की सूचना मिली थी, लेकिन जांच में पता चला कि पिटाई से एक व्यक्ति की मौत हो गई.

परिवार की मांग- त्वरित न्याय
मृतक के परिवार ने पुलिस से अपील की है कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए. सूरज पासवान ने कहा कि उनका परिवार अब अकेला और असहाय महसूस कर रहा है. वे न्याय की उम्मीद में हैं ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.












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