गया: बिहार के गया जिले में मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार से अपराधियों ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की है. मोबाइल फोन पर बार-बार कॉल करके धमकी दी जा रही है कि यदि पैसे समय पर नहीं दिए गए तो उनकी पत्नी विभा कुमारी की हत्या कर दी जाएगी. इस लगातार मिल रही धमकियों से डॉक्टर का पूरा परिवार दहशत और मानसिक तनाव में है.

27 दिसंबर से शुरू हुआ धमकी का सिलसिला
धमकियों का यह क्रम 27 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जब डॉ. सत्येंद्र कुमार और उनकी पत्नी गया स्थित मगध कॉलोनी में मौजूद थे. इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को पटना में उनके फ्लैट पर भी धमकी भरा कॉल आया. अब तक दो से तीन बार ऐसे कॉल प्राप्त हो चुके हैं, जिसमें अपराधी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि पैसे न देने पर परिवार के सदस्यों की जान को खतरा है.

न्यूरोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष को धमकी
डॉ. सत्येंद्र कुमार मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं. वे मूल रूप से गया जिले के नक्सल प्रभावित इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के बहेत गांव के निवासी हैं. उनकी चिकित्सा क्षेत्र में ख्याति और सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया है.

इन दो राज्यों से आए धमकी वाले कॉल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पहली धमकी वाला कॉल पश्चिम बंगाल (कोलकाता क्षेत्र) से आया था. वहीं, 30-31 दिसंबर के आसपास मिला दूसरा कॉल महाराष्ट्र से जुड़ा पाया गया है. इससे मामला अब अंतरराज्यीय अपराध की श्रेणी में आ गया है और इसकी गंभीरता कई गुना बढ़ गई है.

मगध मेडिकल थाने में दर्ज हुई एफआईआर
डॉ. सत्येंद्र कुमार ने 7 जनवरी 2026 को मगध मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस मामले में कांड संख्या 11/26 दर्ज की गई है. थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार ने पुष्टि की है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

परिवार ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
लगातार मिल रही जानलेवा धमकियों के कारण डॉक्टर सत्येंद्र कुमार का पूरा परिवार दहशत के माहौल में जी रहा है. डॉक्टर ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए ताकि परिवार को सुरक्षा मिल सके.

मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार ने धमकी देने वाले मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह कोई स्थानीय गिरोह है या फिर साइबर अपराधियों का अंतरराज्यीय नेटवर्क है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही ठोस सुराग मिलने की उम्मीद है.











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