किशनगंज: किशनगंज में उस वक्त खलबली मच गयी जब कोर्ट ने जिले के सरकारी भवन को नीलाम करने का आदेश दिया. मामला जिले के भवन निर्माण विभाग से जुड़ा है. कोर्ट ने विभाग का कार्यालय, जमीन सहित कई संपत्ती को नीलाम करने का आदेश दिया है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.5 करोड़ के आसपास है.
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क्या है मामला
8 साल पूर्व ठेकेदार मुकेश कुमार सिंह ने विभाग के लिए भवन निर्माण और मरम्मत का काम कराया था. काम पूरा होने के बाद विभाग ने ठेकेदार को लागत 23 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया. काफी लंबे समय तक भुगतान नहीं होने के बाद ठेकेदार ने विभागीय ट्रिब्यूनल में वाद दायर किया था.

ट्रिब्यूनल कोर्ट
एक अर्ध न्यायिक निकाय, जिसका काम प्रशासनिक कार्यों के विवाद को सुलझाना है. जैसे आयकर, सेवा मामले और अद्योगिक विवाद को निपटाता है ताकि कोर्ट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े. इसका उद्देश्य मामला को त्वरित निपटाना है. प्रशासनिक ट्रिब्यूनल अधिनियम, 1985 के तहत यह संस्था स्थापित है.

6 साल पहले भुगतान का आदेश था
ट्रिब्यूनल कोर्ट ने 6 साल पहले ही भवन निर्माण विभाग को ठेकेदार को भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया. जब भी ठेकेदार आदेश का हवाला देकर भुगतान करने की बात करता तो विभाग टालमटोल करता रहता. इसके बाद ठेकेदार ने सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.


इसके बाद कोर्ट ने 29 दिसंबर को मामले को गंभीरता से लिया और विभाग की संपत्तियों को निलाम करने का आदेश दिया. कोर्ट ने विभागीय कार्यालय, जमीन, 4 टेबल, 20 कुर्सी, 5 आलमीरा, 6 सीलिंग फैन, एक एसी, आदि को नीलाम करने का आदेश दिया है, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ के आसपास है.

1.50 करोड़ की संपत्ती होगी नीलाम
- टेबल – 04
- कुर्सी – 20
- आलमीरा – 5
- सीलिंग फैन – 06
- एयर कंडीशनर – 01
- जमीन – 10 कट्ठा
- दो मंजिला भवन

जिलाधिकारी को नीलामी की जानकारी नहीं
इस मामले की जानकारी जब भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार से ली गयी तो उन्होंने कुछ भी नहीं बताया. वहीं दूसरी ओर इसकी जानकारी जिले के डीएम को नहीं है. उन्होंने मामले के बारे में पता करने और जांच की बात कही है.











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