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विज्ञान व्रत, गरिमा सक्सेना और ज्वालासांडिल्य पुष्प को मिलेगा डॉ. शांति कुमारी सम्मान

मुजफ्फरपुर, 5 जुलाई। डॉ. शांति कुमारी सेवा संस्थान द्वारा आगामी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को आयोजित होने वाले पांचवें डॉ. शांति कुमारी सम्मान समारोह में देश के तीन प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर नोएडा के सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार विज्ञान व्रत को डॉ. शांति कुमारी ग़ज़ल सम्मान, बेंगलुरु की चर्चित गीतकार गरिमा सक्सेना को डॉ. शांति कुमारी गीत सम्मान तथा समस्तीपुर के वरिष्ठ बज्जिका साहित्यकार ज्वालासांडिल्य पुष्प को डॉ. शांति कुमारी बज्जिका भाषा सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।

रविवार को नॉर्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान की सचिव डॉ. भावना ने बताया कि सम्मानित साहित्यकारों को ₹5,100 की सम्मान राशि, प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) तथा यात्रा भत्ता प्रदान किया जाएगा। समारोह का आयोजन प्रातः 10 बजे से डॉ. शांति कुमारी सेवा संस्थान सभागार (आद्या हॉस्पिटल परिसर), जीरो माइल, सीतामढ़ी रोड, मुजफ्फरपुर में होगा।

डॉ. भावना ने बताया कि राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. शांति कुमारी की स्मृति में यह सम्मान समारोह प्रतिवर्ष उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष इसका पांचवां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों का चयन देशभर के विद्वानों की चयन समिति द्वारा साहित्यकारों के समग्र साहित्यिक योगदान के आधार पर किया जाता है।

उन्होंने बताया कि उनकी माता डॉ. शांति कुमारी का शोध बज्जिका लोककथा साहित्य पर था। इसी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने और बज्जिका भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से प्रतिवर्ष इस क्षेत्र के विशिष्ट रचनाकार को भी सम्मानित किया जाता है। पूर्व में महाकवि अवधेश्वर, रामनंदन सिंह एवं शारदा चरण सहित कई साहित्यकारों को यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है।

डॉ. भावना ने बताया कि समारोह तीन सत्रों में आयोजित होगा। प्रथम सत्र में साहित्यिक विमर्श एवं सम्मान समारोह होगा। द्वितीय सत्र में उनकी दो पुस्तकों ‘हिंदी ग़ज़ल का युगबोध’ तथा ‘हिंदी ग़ज़ल में स्त्री स्वर’ का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं तृतीय सत्र में देशभर से आए साहित्यकारों की सहभागिता के साथ भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा।उन्होंने बताया कि इस वर्ष की चयन समिति में दिनेश प्रभात, गोपाल फलक, विनय जी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. अमर पंकज सहित देश के कई प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल रहे।

प्रेस वार्ता में संस्कृति कर्मी गोपाल फलक ने कहा कि यह आयोजन मुजफ्फरपुर की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है। देशभर के वरिष्ठ साहित्यकारों के आगमन से युवा रचनाकारों को सीखने, संवाद करने और समकालीन साहित्य की नई धाराओं को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की साहित्यिक परंपरा वाले मुजफ्फरपुर में इस प्रकार का राष्ट्रीय आयोजन पूरे साहित्य जगत के लिए गौरव का विषय है।

 

डॉ. भावना ने बताया कि समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. अमर पंकज, झारखंड से कविता विकास एवं अनिल कुमार झा, दिल्ली से कविता कोश के निदेशक राहुल शिवाय, भोपाल से दिनेश प्रभात, नीता सक्सेना, रश्मि सक्सेना, कोलकाता से रामनाथ बेखबर, मुंगेर से अनिरुद्ध सिन्हा एवं विकास, पटना से नसीम अख्तर, श्वेता ग़ज़ल, आराधना प्रसाद, रवि किशन, अविनाश बंधु एवं शशि कुमार, छपरा से अविनाश भारती तथा गया से डॉ. जियाउर रहमान जाफरी सहित देशभर के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, ग़ज़लकार एवं शोधार्थी शामिल होंगे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर और आसपास के साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रहेगी। प्रेस वार्ता में गोपाल फलक, गौतम शाही, बबीता शाही एवं सरोज सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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